Mobile Banking Kya Hai, Mobile Banking कैसे चालू करे, मोबाइल बैंकिंग के फायदे और नुकसान

आज हम आपको mobile banking kya hai, mobile banking सेवा कब शुरू की गयी, mobile banking कैसे चालू करे, मोबाइल बैंकिंग के फायदे, मोबाइल बैंकिंग के नुकसान, Mobile Banking के उपयोग, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग में अंतर, मोबाइल बैंकिंग चलाते समय ध्यान रखने योग्य बाते बताने वाले है.

mobile banking kya hai – मोबाइल बैंकिंग क्या है:-

Mobile Banking को समझने की कोशिश करें तो हम पाएंगे की मोबाइल फोन के माध्यम से किया जाने वाला पैसे का लेन देन इत्यादि प्रक्रियाएं मोबाइल बैंकिंग से सम्बंधित होती हैं |

कहने का अभिप्राय यह है की जब व्यक्ति अपने घर से या कंप्यूटर लैपटॉप से दूर रहता है तो उस स्थिति में वह मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से अपने मोबाइल फोन के जरिए अपने अकाउंट में बैलेंस चेक करना, फण्ड ट्रान्सफर करना, अपने बिलों का भुगतान करना इत्यादि प्रक्रियाएं कर सकता है |

उसके द्वारा मोबाइल से की जाने वाली यह प्रक्रियाएं ही Mobile Banking कहलाती है | वर्तमान में मोबाइल बैंकिंग स्मार्टफोन के अलावा साधारण से फोन से मेसेज इत्यादि के माध्यम से भी की जा सकती हैं | मोबाइल बैंकिंग को थोड़ा और अच्छे ढंग से समझने की कोशिश करेंगे .

mobile banking सेवा कब शुरू की गयी –

दरसल बात है 1999 को जब कुछ बैंक अपने यूजर्स को मोबाइल बैंकिंग की सुविधा के लेकर आए थे । लेकिन आपको जानकर हैराही होगी की इस समय बैंक सिर्फ एस.एम.एस (Sms) में टेक्स्ट रूप में ही अपनी बैलेंस या अन्य सेवाओं को पहुंचाना शुरू किया.

वर्ष 2010 के समय से SMS की बैंकिंग एवं Mobile Web बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा था । उसी समय Android एवं iOS इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए, बैंक ने अपने मोबाइल डिवाइस के लिए एप्लीकेशन बनाना प्रारंभ किया ।

mobile banking कैसे चालू करे –

बैंक अपने उपभोक्ताओं को मोबाइल बैंकिंग जैसे ही फैसिलिटी में पंजीयन करने के लिए कुछ ही डॉक्यूमेंट या दस्तावेज सबमिट करने की परमिशन लेती है ।

जिसमें आप का आईडी प्रूफ (आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी इत्यादि में से कोई भी), मोबाइल नंबर (Active है) इसके साथ पंजीयन फॉर्म को सबमिट करने की जरूरत होती है ।

सब कुछ सही होने पर आप SMS के मध्यम से MPIN ग्राहक पंजीयन मोबाइल पर पा डालते हैं । और मोबाइल में MPIN लगाकर मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन को लॉगिन कर सकते हैं ।

अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से आप USER ID और MPIN पा सकते हो ।

आप बैंक के मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन या कोई अन्य थर्ड पार्टी एप्लीकेशन को अपने साथ जोड़ सकते हैं ।

जब आप मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन या कोई अन्य थर्ड पार्टी एप्लीकेशन में अपने इंस्टालेशन की प्रक्रिया के करते है ।

तब Activation Process में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP Code एवं MPIN code के द्वारा आप मोबाइल बैंकिंग का एक्टिक कर सकते हैं

मोबाइल बैंकिंग के फायदे –

  • मोबाइल बैंकिंग से आप कहीं भी, किसी भी समय अपने मोबाइल फोन के माध्यम से बैंक का काम कर सकते हैं।
  • आप अपने बैंक के अकाउंट के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
  • मोबाइल फोन से फंड ट्रांस्फर कर सकते हैं।
  • मोबाइल या डीटीएच रिचार्ज कर सकते हैं।
  • इसके माध्यम से आप एटीएम एवं बैंक शाखा स्थल की जानकारी ले सकते हैं।
  • मोबाइल बैंकिंग से आप अकाउंट बैलेंस, हाल के लेन-देन, बिलों का भुगतान, चेक स्थिति आदि की जांच कर सकते हैं।
  • मोबाइल बैंकिंग के उपयोग से आपके समय का बचत होता हैं।

मोबाइल बैंकिंग के नुकसान –

  • मोबाइल फ़ोन में मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करने के लिए आपको मल्टीमीडिया फोन की आवश्यकता होगी।
  • सभी बैंक मे मोबाइल बैंकिंग की सुविधा नही हैं।
  • मोबाइल फ़ोन मे हमेशा थर्ड पार्टी मोबाइल बैंकिंग सॉफ्टवेयर काम नहीं करता हैं।
  • मोबाइल फोन गुम हो जाने पर आपके मोबाइल फोन से यूजर नाम, पासवर्ड और अन्य इन्फॉर्मेशन चोरी हो जाने पर आपको बहुत बड़ा नुकसान हो सकता हैं।

मोबाइल बैंकिंग चलाते समय ध्यान रखने योग्य बाते –

किसी भी सूरत में अपना यूज़र आईडी, बैंक खाते की जानकारी और पासवर्ड या मोबाइल पिन से संबंधित जानकारी अपने फ़ोन के डिवाइस में न रखें. किसी गलत हाथों में मोबाइल जाने से आपको नुकसान हो सकता है.

मोबाइल बैंकिंग से संबंधित एप्प या तो अपने बैंक के वेबसाइट से या फिर गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें. किसी अन्य वेबसाइट से डाउनलोड करने पर आप साइबर ठगी के शिकार हो सकते हैं.

अगर कहीं आपके मोबाइल को नेटवर्क न मिल रहा हो तो लालच में फ्री वाई-फाई या हॉट-स्पॉट से मोबाइल बैंकिंग का उपयोग न करें. अगर ऐसा करते हैं तो आपके डाटा का चोरी होने का अंदेशा बना रहता है.

अपने बैंक अकाउंट या मोबाइल बैंकिंग से संबंधित गुप्त डाटा को टेक्स्ट मेसेज के जरिए भेजने की भी कभी गलती न करें.

साइबर चोर इतने शातिर होते हैं कि वो फ़ोन पर बात करने के दौरान भी आपके फ़ोन से डाटा ट्रान्सफर कर सकते हैं. इसलिए अनजान कॉल आने पर उनसे बात करने में सावधानी बरतें.

अंत में सबसे जरूरी बात. अगर आप अपने मोबाइल फ़ोन का उपयोग मोबाइल बैंकिंग के लिए करते हैं तो फ़ोन को लॉक करने के साथ एप्प को भी पासवर्ड से लॉक रखना न भूलें.

Mobile Banking के उपयोग-

  • मोबाइल बैंकिंग का प्रयोग किसी भी बैंक खाते में फंड ट्रांसफर करने के लिये किया जा सकता है।
  • आप अपने एप्प से NEFT और RTGS ट्रांसफर भी कर सकते हैं।
  • आप इससे डेबिट कार्ड ब्लॉक करने, नए डेबिट कार्ड का अनुरोध करने, चेकबुक के लिये अनुरोध करने, पिन नंबर बदलने जैसे कई काम आसानी से कर सकते हैं।
  • इससे आप अपने खाते का बैलेंस जब चाहे चैक कर सकते हैं औऱ खाते की स्टेटमेंट भी प्राप्त कर सकते हैं।

नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग में अंतर –

  • नेट बैंकिंग के लिए बैंक की वेबसाइट बनाई गयी हैं जिनका प्रयोग कर नेट बैंकिंग की सुविधा उठा सकते हैं
  • लेकिन मोबाइल बैंकिंग के लिए एप की सुविधा होती है जिसे फ़ोन या टेबलेट में ही खोला जा सकता है.
  • नेट बैंकिंग को आप ब्राउज़र के जरिये करते हैं
  • जबकि मोबाइल बैंकिंग एप के जरिये पूर्ण होती है.
  • नेट बैंकिंग में अभी ज्यादा सुविधाएँ मौजूद नहीं है जैसे कि बिजली का बिल भरना, पानी का बिल, मोबाइल रिचार्ज आदि
  • जबकि मोबाइल बैंकिंग ये सुविधा अब आ गयी है.
  • नेट बैंकिंग के लिए सभी बैंकों वेबसाइट बनवाईहैं जिन्हे लॉगिन कर के नेट बैंकिंग की सुविधा ली जा सकती है
  • जबकि मोबाइल बैंकिंग में आपको मोबाइल एप इंसटाल करना होता है जिसके जरिये आप ट्रांजक्शन करते हैं.

निकर्ष-

  • आशा करते है की आज हमने आपको mobile banking kya hai के बारे में आपको बताया है वो आप समझ चुके होंगे.
  • यदि फिर भी कोई संदेह रह जाता है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट कर सकते और पूछ सकते की केसे क्या करना है.
  • में निश्चित ही आपकी पूरी समस्या का समाधान निकालूँगा और आपको हमारा द्वारा प्रदान की गयी जानकरी आपको अच्छी लगी होतो फिर आपको इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते है.
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